काश हमारे देश के विश्वविद्यलयों और कोलेजो में “देश भक्ति” और “देश के विकाश” के भी सब्जेक्ट होते

काश हमारे देश के विश्वविद्यलयों और कोलेजो में  “देश भक्ति” और “देश के विकाश” के भी सब्जेक्ट होते

आज  यानी २९ अप्रैल २०१७ को सुबह सात बजे जब मैं दैनिक जागरण अखबार पढ़ रहा था  तो प्रथम पृष्ठ पर  जलती हुई बस को देखा ! पढ़ने के मालूम पड़ा की इलाहाबाद विश्व विद्यालय के हॉस्टल को खाली कराने के विरोध में हुआ ! दैनिक जागरण  के अनुसार छात्रों ने तोड़ – फोड़ करते हुए पुलिस पर पत्थर और बम बरसाए ! कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया ! यह घटना सिर्फ एक यूनिवर्सिटी या कॉलेज का नहीं है बल्कि पुरे भारत में कहीं न कहीं ऐसी ही घटना होती रहती है ! पिछले कुछ माह पहले जवाहर लाल यूनिवर्सिटी भी कुछ अलग मुद्दों में जल रही थी ! allahabad_university

पूरी आर्टिकल पढ़ने के बाद मेरा मन विचलित हो गया और अनेको प्रश्ना करने लगा –
१. क्या ये विद्यार्थी हमारे देश का भविष्य बनाएँगे ?
२. इन्हे बम , बंदूख और अन्य हथियार कहाँ से मिलते है ?
३. देश की सम्पत्ति को नुकशान पहुंचाना क्या देश द्रोह नहीं होना चाहिए ?
४. ये बच्चे भी घर से अपने भविष्य को संवारने के लिए इन विश्व विद्यालयों में कड़ी मेहनत के बाद आते हैं तो ऐसा क्यों होता है की ये ऐसे कदम उठाने को भी नहीं हिचकिचाते ?

“काश ऐसा होता” के इस टॉपिक में मेरा मन कई सन्दर्भों  की कल्पना करता है –
१. काश हमारे देश में स्टूडेंट्स और कॉम्पिटिटिव इम्तेहानों की तैयारी करने वालों को बेसिक सुविधाओं की कमी न होती !
२. हमारा और हमारे इन विद्यार्थियों का मकसद देश को एक नयी उंचाईयों तक ले जाने की होती !
३. किसी भी दशा में देश की सम्पत्ति ( चाहे वह किसी की निजी ही क्यों न हो ) को हानि न होती !
४. हमारे  विद्यार्थी ऐसी विद्या ग्रहण कर पाते की वे अपना ही नहीं देश के विकाश में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा पाते !

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